संचार संगतता और सुरक्षा समझौता (Communications Compatibility and Security Agreement-COMCASA) एन्क्रिप्टेड संचार प्रणाली के हस्तांतरण को सरल बनाता है तथा उच्च तकनीक वाले सैन्य उपकरणों को साझा करने हेतु यह समझौता अमेरिका की प्रमुख आवश्यकता है।
यह समझौता संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने इन्क्रिप्टेड (Encrypted) संचार उपकरणों और गुप्त प्रौद्योगिकियों को भारत के साथ साझा करने की अनुमति देगा, जिससे दोनों पक्षों के उच्च स्तर के सैन्य-नेतृत्व के बीच युद्धकाल और शांतिकाल दोनों में ही सुरक्षित संचार संभव हो सकेगा।
इससे संयुक्त सैन्य अभियान के दौरान सुरक्षित संचार में सहायता मिलेगी।
इस तरह की उन्नत प्रौद्योगिकियों और संवेदनशील उपकरणों को सामान्यत अमेरिका से खरीदे गए सिस्टमों पर ही स्थापित किया जाता है।
अत: यह समझौता भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों के लिये मील का पत्थर सिद्ध होगा।
साथ ही इस तकनीक की मदद से भारत को चीन पर नज़र रखने में भी मदद मिलेगी।
इसके अलावा आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों ने साथ लड़ने का फैसला किया।
महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इस वार्ता से दुनिया के दो सबसे बड़े अमेरिका रक्षा संबंधों के लिये मील का पत्थर सिद्ध होगा।
साथ ही इस तकनीक की मदद से भारत को चीन पर नज़र रखने में भी मदद मिलेगी।
इसके अलावा आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों ने साथ लड़ने का फैसला किया।
महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इस वार्ता से दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र दक्षिण अफ्रीका और हिंद महासागर में चीन के विस्तार के प्रभाव को कम करने हेतु बेहद नज़दीक आ गए हैं।
दोनों देशों के समकक्षों द्वारा दक्षिण एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की गई तथा भारत ने राष्ट्रपति ट्रंप की दक्षिण एशिया नीति का समर्थन भी किया।