Sarthak IAS_Cobalt and Polyester

Cobalt and Polyester

अफ्रीका में वस्तुगत खनिजो की स्थिति

कोबाल्ट

विश्व का तकरीबन 50% कोबाल्ट खनिज अफ्रीका के पास रिजर्व है. पूरे विश्व में कोबाल्ट उत्पादन में अफ्रीका का 70% योगदान है कांगो (Kinshasa) इनमें से तकरीबन 86% उत्पादन अकेले करता है  इसके बाद जांबिया और मोरक्को दूसरे और तीसरे नंबर पर आते हैं

इंगा बाँध अफ्रीका के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो देश में स्थित है। कांगो नदी के इंगा झरने को जोड़ने वाले दो हाइड्रोइलेक्ट्रिक बाँध (Inga I and Inga II) बनाये गए है।

मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए स्पष्ट किया गया है कि बिजली की आपूर्ति मांग के हिसाब से ना हो पाने के कारण कांगो ही नहीं लगभग बिजली की किल्लत से झेल रहे सभी अफ्रीकी देशों के खनिज उत्पादन पर असर पड़ सकता है.

भारत में कोबाल्ट की स्थिति:

कोबाल्ट एक महत्वपूर्ण चुंबकीय लौहतत्व जिसका भारत में औद्योगिक उत्पादनों में बेहद महत्वपूर्ण स्थान है सामान्यत कोबाल्ट; कापर, निकिल धातु और आरसेनिक अयस्कों के साथ ही निकलता है 2013-14 के खनिज मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार सिंहभूमि जिला (झारखंड), केंदुझर और जाजपुर जिला(उड़ीसा), झुंझुनू जिला (राजस्थान),  ट्वेनसांग जिला (नागालैंड) और झाबुआ,होशंगाबाद जिला (मध्य प्रदेश) से निकलता है कोबाल्ट ज्यादातर लेटराइट निकिल के निक्षेप को सुकिंद क्षेत्र  (उड़ीसा) से निकलता है.  कोबाल्ट के दो मुख्य स्रोत है तो अन्य खनिजों के साथ निकले जैसा कि बताया और दूसरा सी बेड से  नोड्यूल्स निकाले जाएं।

इस समय भारत में किसी भी तरह के  भारत में पाए जाने वाले कोबाल्ट के अयस्कों से कोबाल्ट नहीं निकाला जा रहा है. इस समय  हमारी निर्भरता कोबाल्ट के आयात पर निर्भर है यद्यपि कई कंपनियां है जो इसका उत्पादन कर रहे हैं परंतु वह मांग आधारित उत्पादन देने में सक्षम नहीं है.

कोबाल्ट का प्रयोग मिश्र धातु और सुपर मिश्र धातु बनाने में तो किया ही जाता है साथ ही कोबाल्ट ऑक्साइड, कोबाल्ट ऐसीटेट का प्रयोग के उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है जैसे TPA और DMT.

क्या है TPA और DMT?

Terephthalic acid (TPA): टीपीए (टेरेफथलिक एसिड),यह एक कार्बनिक यौगिक रसायन है जो कपड़े और प्लास्टिक की बोतलों को बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पॉलिएस्टर PET के प्रणोदक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

पॉलीएथिलीन टेरेफेथलेट (PET or PETE) एक बेहद मजबूत, कठोर और कृत्रिम रूप से बनाया गया एक चिपचिपा रेशे वाला पॉलिएस्टर प्रकार का एक पॉलिमर है.पॉलीएथिलीन टेरेफेथलेट (PET or PETE) को धागे के रूप में प्रेस करके कपड़े, प्लास्टिक बोतल, फोटोग्राफिक फिल्म और मैग्नेटिक रिकॉर्ड बनाने के काम में किया जाता है.

भारत में विशुद्ध टेरेफथलिक एसिड का आयात चीन, यूरोपीय यूनियन, कोरिया और थाईलैंड से किया जाता है. भारत में इसका प्रयोग पॉलिएस्टर उत्पादन होता है. भारत, विश्व में पॉलिएस्टर उत्पादन के मामले में दूसरा सबसे बड़ा देश है, जो कि लगातार 8%  से 10% की दर से बढ़ता जा रहा है, परंतु हाल ही में विशुद्ध टेरेफथलिक एसिड (PTA) की पूर्ति में कमी होने के कारण पोलिस्टर के उत्पादन में तकरीबन 40% की कमी आई है इसकी आमतौर पर 2 वजहें मानी जा रही हैं मानी जा रही हैं

पहला, तो विशुद्ध टेरेफथलिक एसिड (PTA) का की पूर्ति में कमी होना।

दूसरा, भारत सरकार द्वारा विशुद्ध टेरेफथलिक एसिड (PTA) आयात को लेकर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाना।

हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने एंटी डंपिंग ड्यूटी के विरोध में बात की है,ज्ञातव्य है के रिलायंस, पॉलिएस्टर फाइबर धागों के मामले में विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक कंपनी में से एक है. इस पीटीए उत्पादन को लेकर  को लेकर रिलायंस ने अभी हाल ही में दहेज (गुजरात) में एक पीटीए उत्पादन  यूनिट खोला था लेकिन पानी की कमी की वजह से उसमें भी पीटीए के उत्पादन में काफी कमी आई है.

बताते चलें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, पालीब्यूटेडियेन रबर के मामले में भी प्रमुख उत्पादक कंपनी है. इस पालीब्यूटेडियेन रबर(PBR) के द्वारा खास तौर पर टायर,गोल्फ बाल और अन्य तरह की लोचदार वस्तुएं और इलेक्ट्रॉनिक सामानों आदि को  कैप्सूलेट करने और इलेक्ट्रिक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने आदि के काम में आता है. इसका प्रयोग प्लास्टिक की यांत्रिक शक्ति बढ़ाने के लिए भी किया जाता है जैसे एक्रिलोनिट्राइल ब्यूटडीन स्टायरीन (ABS).

Dimethyl terephthalate(DMT): डाइमिथाइल टेरेफाथलेट (DMT) एक कार्बनिक यौगिक है। यह टेरेफाथिक एसिड और मेथनॉल से बनने वाला डायस्टर है। डीएमटी पॉलीइथाइलीन टेरेफेथलेट (पीईटी), पॉली ट्राईमेथीलीन टेरेफेथलेट (पीटीटी) और पॉलीब्युटिलिन टेरेफेथलेट (पीबीटी) सहित पॉलिस्टर के उत्पादन में उपयोग किया जाता है।

Anti-Dumping Authority

Directorate General of Anti-dumping & Allied Duties (DGAD) – under the Department of Commerce, Ministry of Commerce & Industry.