Sarthak IAS telling about Strategic minerals

Strategic minerals

उपनिवेश के समय में बहुत से ऐसे औपनिवेशिक देश थे जिनका उद्देश्य अपने उपनिवेशों का दोहन करना एवं बाजारीकरण से संबंधित था. यह उपनिवेश काल का वह समय था जब लगभग सभी औपनिवेशिक देश जैसे यूरोप आदि अपने उपनिवेशों का पूरा फायदा उठाना चाहते थे. यही कई वजहों में से एक वजह यह भी था की इन देशों का आपस में ही हित का टकराव हो गया जो अंततः विश्वयुद्ध में बदल गया. विश्व युद्ध किसी भी देश के लिए फिर चाहे वह अंदर हो या बाहर के देशों के साथ संबंध के लिए ठीक नहीं था. यह युद्ध देश की राष्ट्रीयता एवं संप्रभुता की लड़ाई से कहीं अधिक बढ़ कर वर्चस्व की लड़ाई बन चुकी थी, जिसका क्षति ना सिर्फ देश के विकास को हुआ बल्कि पूरी मानवता के लिए एक आघात था.
इस परिस्थिति में तीन बातें बहुत महत्वपूर्ण थी
पहला, तो यह के यह वर्चस्व की लड़ाई जल्द ही खत्म हो
दूसरा, देश के भीतर औद्योगिक और युद्ध के समय की आपूर्ति मैं किसी भी प्रकार की कमी ना आने पर जिसका प्रभाव युद्ध में जीत और हार पर पड़े.
तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण की भविष्य में देश के दूसरे राष्ट्रों की तुलना में शक्ति संतुलन किसी भी प्रकार कमजोर ना पड़ने पाए.
उपरोक्त परिस्थितियों में तो सबसे ज्यादा जरूरत युद्ध के लिए हथियारों की थी, और इसे बनाने के लिए जरूरी थे वह खनिज जिनसे हथियार और गोला बारूद बनाए जा सकते थे. इसके लिए रक्षा उद्योगों को इन सभी महत्वपूर्ण और रणनीति खनिजों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराना बेहद जरूरी था.
अतः विश्व युद्ध के दौरान ही खनिज संसाधनों की महत्वपूर्णता पता लग चुकी थी। अब यह विश्वास करना शुरू हुआ कि खनिज संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता देश में शक्ति संतुलन, अवसंरचना, रक्षा उद्योग, अन्य उद्योगों, अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे और प्रगति के संतुलन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

अतः इन खनिजों को हम तीन प्रमुख भागों में बांट सकते हैं
1.मुख्य खनिज जैसे लोहा एल्युमीनियम आदि
2.उर्जा शक्ति खनिज
(A) परमाणु शक्ति खनिज जैसे यूरेनियम थोरियम आदि
(B)जीवाश्म इंधन खनिज जैसे कोयला, पेट्रोल, डीजल आदि
3. सामरिक खनिज: वास्तव में, उपयोग किए जाने के आधार पर, हम सामरिक खनिजों के बारे में कह सकते हैं।
यह खनिज वास्तव में उत्प्रेरक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है या मिलाए जाने के आ”धार खनिज” या “मुख्य धातु” की संरचना को बदलने में सक्षम है।इस प्रकार इन सामरिक खनिजों के प्रयोग से मुख्य धातु का प्रयोग वांछित परिस्थिति अनुसार किया जा सकता है.

आगे आने वाले लेख में हम जानेंगे रणनीति खनिजों के बारे में…..